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जन्माष्टमी पर बेटा हुआ तो अजीज खान ने नाम रख दिया कृष्णा, मां ने कहा था ये क्या पागलपन है, पूछा था- कृष्णा कौन थे
August 13, 2020 • नीतू मोर • राज्य

इंदौर.देशभर में बुधवार को कृष्ण जन्माष्टमी मनाई जा रही है। इंदौर में भी जन्माष्टमी की धूम है। हालांकि, इस बार कोरोना के कारण लोगों को घरों में ही रहकर कान्हा की पूजा करनी है। कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व हिंदू ही नहीं, इंदौर के एक मुस्लिम परिवार के लिए भी काफी खुशी का पर्व है। इस परिवार ने अपने बेटे का नाम कृष्णा खान रखा है। 12 साल पहले जब यह नाम परिवार के बुजुर्गों को पता चला तो वे नाराज हुए, लेकिन अब लोग इस नाम की मिसाल देते हैं।

मां ने कहा - दो बेटियां थीं, बेटे की चाह में मंदिर भी गए।

कृष्णा के पिता अजीज खान ने बताया कि बात 2008 की है। मेरी पत्नी गर्भवती थी। उसे हमने लाइफलाइन अस्पताल में भर्ती करवाया था। वर्तमान में सीएमएचओ डॉक्टर जड़िया ने उस समय ऑपरेशन किया और मुझे पुत्र रत्न की प्राप्ति हुई। जब डिस्चार्ज करने की बात आई तो डाॅक्टर जड़िया मेरे पास आए और बोले कि फार्म भरना है। बच्चे का नाम कुछ सोचा हो तो बताइए। 23 अगस्त 2008 को सुबह बेटे का जन्म हुआ था, उस दिन जन्माष्टमी थी। मैंने कहा कि डॉक्टर साहब नाम तो घर पर चर्चा के बाद रखेंगे। इसके बाद मैंने कहा कि जन्माष्टमी पर बेटे का जन्म हुआ तो आप इसका नाम मास्टर कृष्णा लिख दीजिए। यह सुनकर वे हैरत में पड़ गए। बोले- देखिए बाद में दिक्कत जाएगी आपको... मुस्लिम होकर आप बेटे का नाम कृष्णा रख रहे हैं। इस पर मैंने कहा कि यह मेरा बेटा है, आप रख दीजिए।

मां को नाम पता चला तो बोली- ये क्या पागलपन है

जब मेरी मां और पत्नी को बेटे का नाम पता चला तो वे हैरत में पड़ गए और बोले कि यह क्या पागलपन है, ऐसा कोई नाम होता है क्या... मेरी मां ने कहा कृष्णा कौन थे, मैंने कहा महाभारत वाले... जिनके आगे-पीछे गोपियां चलती थीं। इस पर उन्होंने कहा कि इसे भी तू गोपियों वाला कृष्णा बनाएगा क्या। तू तो हिंदू हो गया, काफिर हो गया। मैंने कहा- मम्मी जमाना बदल गया है, मुझे तय करना है कि मेरे बेटे का मुझे क्या नाम रखना है। जब लोगों को पता चला कि मैंने अपने बेटे का नाम कृष्णा रखा है तो लोगों ने मेरी काफी हौसला अफजाई की। कई नेता-अधिकारियों ने कहा कि आपने कमाल का काम किया है, इसके लिए काफी संघर्ष करना पड़ा होगा। मैंने कहा- हां, पारिवारिक संघर्ष तो किया। कई लोगों ने मेरे बेटे के नाम का उदाहरण भी दिया। इस पर मुझे लगा कि मैंने लीक से हटकर कुछ काम किया।

मां बोलीं- डॉक्टर ने कहा था तेरे घर कृष्णा आया है

कृष्णा की मां बताया कि पहले मुझे दो बेटियां थीं। कृष्णा छोटी बेटी के पैदा होने के 8 साल बाद हुआ। बेटे की चाहत में हम मंदिरों में भी पहुंचे। काफी मन्नत के बाद कृष्णा हुआ था। नर्स ने कहा कि तुम घबराओ मत आज कृष्ण जन्माष्टमी है मैं लड्‌डू लेकर आई हूं। तुम्हें बेटा ही होगा। जब बेटे का जन्म हुआ तो डाॅक्टर ने कहा- फिक्र मत करो, तुम्हारे घर में कृष्णा आया है। सास ने जरूर नाम को लेकर कहती थीं, लेकिन समय के साथ सब बदल गया।